Sunday, June 10, 2012

मुझे नफरत है ऐसी विवाह -संस्था से जहाँ दो लोगो को जीवन भर के लिए एक बंधन में जोड़ दिया जाता है जहाँ पति केवल इसीलिए पूरा जीवन पत्नी से नफरत करता है क्योंकि वो लड़की उसे पसंद नहीं .........और वो मासूम स्त्री कवेल इसीलिए हर उस गुनाह कि सजा भुगत ती है जो उसने कभी किया ही नहीं ...बेमतलब की नफरत सहते सहते उस स्त्री प़र अगर किसी को तरस आये तो उसे ज़रूर बताये कि वो आखिर क्या करे.............? और हाँ....ना तो उसे घर छोड़ने की इज़ाज़त है.............ना नौकरी करने की.................सुबह उठते ही बस पति की नफरत भरी आँखे ,गलियां ,और मार-पीट..........कोई हमदर्द नहीं .बच्चे भी पिता की साइड लेते है .की काश मम्मी आप पापा का प्यार होतीं तो हम भी हर वक़्त की कट-कट से मुक्त रहते .........प्रिय मित्रो ...............कोई राह सूझे तो अवश्य बताइयेगा ..........


उत्तर की प्रतीक्षा में ....


आपकी अपनी स्वीट एंजिल 

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