जियो जी भर के
जियो जी भर के ............क्योंकि
...दमित इच्छाओं से ग्रसित मन कभी भी अपने कर्तव्यों
की इतिश्री सुखपूर्वक नहीं कर सकता क्योंकि एक
प्रसन्न व् संतुष्ट मन व् तन ही खुशियाँ बिखेर सकता है
...........
अब तो ज़िन्दगी से बस यही शिक्षा ली है .....
शुभ-कामनाओं हेतु आभार!
ReplyDeleteआपका मार्गदर्शन समय समय पर हमे,
अग्रसर करने की शक्ति देता है!