कितना आनंद आता है न .जब मैं स्वम को ही जन्म दिन की बधाई देतीं हूँ.........
जहाँ शब्दों की लौ जले
जहाँ शब्दों की लौ जले
,चमके भावों की रौशनी,
फैले रिश्तों का उजियारा ,
घटे कडवाहट का अँधेरा
ऐसा ही है ' स्वीट एंजिल ' का
जहाँ प्यारा ....................
जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ .........
डॉ.स्वीट ...........
भाव........तेरा कोई साथ न दे तो
तू खुद से प्रीत जोड़ ले
बिछोना धरती को करके

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