Sunday, June 10, 2012

Dr.Sweet Angel


हाय,
कितनी विरह वेदना 
कितनी तड़प  और अश्रु ...........
तुम आ गए तो अब फिर से 
समेट लुंगी दुःख अपने सारे 
\:(
डॉ. शालिनी अगम 

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